Freelance Copywriter क्या होता है? How To Become Freelance Copywriter?

Praphul Vastrakar
16 Min Read

How To Become Freelance Copywriter : वैसे बात जब भी Business के बारे में आती है तो लोगों के पास एक से बढ़कर एक बातें होती है, Target क्या होना चाहिए, कैसे Achieve करना है,बहुत सारी बातें होती है। लेकिन क्या आपको इसका कोई अंदाजा है कि Business को Grow करने के लिए क्या क्या चाहिए होता है? बिल्कुल सही सोच रहे हैं आप। 

उसे Quality Products और Good Marketing Strategy की जरूरत होती है और यह भी कह सकते हैं कि एक जबरदस्त Copywriter की भी। क्योंकि किसी भी Brand के लिए Awareness Create करने और उसे Purchase करने का Mindset Create करने में एक Copywriter का Creative Work बहुत ज्यादा मायने रखता है। 

How To Become Freelance Copywriter?

क्योंकि वह Copywriter ही होता है जो Tagline, Brochure, Magazines, Ad Sales, Emails, Email Campaign और Social Media Post के Through किसी Company को कुछ इस तरीके से प्रमोट करता है कि Customers को लगता है कि वह Company ही दी Best Company है और हमें उसके Products तो पक्के से खरीदने ही चाहिए। 

तो एक Company को इससे ज्यादा क्या चाहिए और उसके जल्दी जल्दी ज्यादा Customers बने जो उसके Products को खरीदे भी, उस पर Trust भी करे और माउथ पब्लिसिटी भी करे। और यह सब करने में Company के प्रॉडक्ट Quality वगैरह का हाथ तो होता ही है, लेकिन एक Copywriter के Creative Text का जादू इसमें सर चढ़ कर बोलता है। 

तभी तो बिजनेसेज Best Copywriter को हायर करने के लिए हमेशा आगे रहते हैं और एक Copywriter बिना किसी फॉर्मल एजुकेशन या ट्रेनिंग के भी बहुत अच्छा करियर बना सकता है, क्योंकि उसकी एक्सीलेंट Creativity और Writing Skills ही इतनी इम्प्रेसिव होती हैं कि Company Freelance Copywriter को हायर करके उनसे अपने बिजनेस के प्रमोशनल और कमर्शियल एरियाज रिलेटेड कॉन्टेन्ट Create करवाना चाहते हैं और इसी वजह से Copywriting ऐसी रियल स्किल होती है, जिसमें बहुत ज्यादा स्कोप होता है। 

Copyrighting क्या होता है?

तो बात ऐसी है कि सबसे पहले तो यह क्लियर कर लेते हैं कि Copywriting असल में होती क्या है। Copywriting का मतलब है एक Specific Company के Advertisement या Marketing  के लिए Text लिखना और इस Text में इस तरह के इमोशंस डालना कि ऑडियंस एक पर्टिकुलर एक्शन लेने के लिए तैयार हो जाए, जैसे कि उस आइटम को खरीद ही लें। 

इस Text के जरिए ब्रैंड Awareness Raise की जाती है और यह सब करने के लिए Copywriter अपने कॉन्टेंट को इंटरेस्टिंग, ईजी, Relatable और मेमोरेबल बनाता है। 

यानी Copywriter वह है, जो ऐसा Text या Copy लिखता है, जिसके जरिए किसी Product या Service की Marketing  की जाती है और उसे सेल किया जाता है। यह Copy या Text अक्सर इन ऑनलाइन एलिमेंट्स का हिस्सा होता है। सेल्स पेजेज, Emails, लैंडिंग पेज, Social Media Post, ईबुक, वाइट पेपर्स और केस Study

तो Copywriter को सिर्फ राइटर कहना बिल्कुल भी ठीक नहीं होगा, क्योंकि वह एडवर्टाइजिंग Creative बिहेवियरल साइकोलॉजिस्ट और सेल्स पीपल्स का मिक्स होते हैं। यानी उनमें ये तीनों Qualityज हुआ करती हैं। यानी Copywriter बनने के लिए आपको Creative तो होना ही होगा, साथ ही आपको रीडर्स की अटेंशन कैच करना भी आना चाहिए और उनके बिहेवियर को इन्फ्लुएंस करके अपनी Writing से उन्हें शॉपिंग कार्ट तक पहुंचाने का काम करना भी आना चाहिए। 

Copywriting क्या होती है, इसे और क्लियरली समझने के लिए यह देखिए कि जब आप कोई किताब पढ़ते हैं तो आप एक ऑथर के Work को रीड करते हैं। वैसे ही जब आप किसी बिजनेस Organization या ब्रैंड के रिटन मैसेजेस को पढ़ते हैं, तो आप Copywriter के Work को रीड कर रहे होते हैं। 

अब यहां पर अगर आप Copy राइटर और Copy राइट वर्ड्स के बीच में थोड़ा सा कन्फ्यूज हो रहे हैं, तो बिल्कुल भी न हो, क्योंकि Copyright तो इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को नोट करने वाली एक लीगल टर्म है और Copywriter वह पर्सन है, जो बिजनेस ब्रैंड और Organization के लिए रिटन मैसेज Create करता है। 

अब अगर आप Copywriting और कॉन्टेन्ट Writing में भी थोड़ा सा कन्फ्यूज फील कर रहे हैं, तो यह जान लीजिए कि Copywriter और कॉन्टेंट राइटर दोनों ही बिजनेसेज के लिए Writing करते हैं, लेकिन उनके पर्पस अलग अलग होते हैं। Copywriter का पर्पस रीडर्स को Product परचेज करने के लिए इन्फ्लुएंस करना होता है, तो कॉन्टेंट राइटर अपने रीडर्स को इन्फॉर्म करने के लिए रिटन मटीरियल Create करता है। 

Copywriter की Copy एक कॉल टु एक्शन के साथ एंड होती है, जैसे क्लिक हियर टू लर्न मोड, जबकि कॉन्टेंट राइटर का गोल। ऐसे आर्टिकल्स के Through ब्रैंड लॉयल्टी को एनकरेज करना होता है, जो एजुकेट भी करते हो और एंटरटेन भी। तो Copywriter अपनी Writing में एक कन्वर्सेशन टोन का यूज करता है, जबकि कॉन्टेंट राइटर की टोन ज्यादा फॉर्मल ही रहती है और वह ज्यादा इन्फॉर्मेशन होती है। 

तो इस तरीके से आपको इन दोनों के बीच का बेसिक डिफरेंस तो समझ में आ ही गया होगा, साथ ही आप यह भी जान गए होंगे कि Copywriting का यूज तब किया जाता है, जब कोई Product या Service कंज्यूमर्स को सेल करनी होती है। अपने ब्रैंड के बारे में रिवील करना होता है। एक एजेंसी का फील Create करना होता है। ट्रैफिक को सेल्स लीड में कन्वर्ट करना होता है। 

Freelance Copywriter क्या करता है?

Freelance Copywriter प्रॉजेक्ट या कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम करता है और प्रमोशनल और कमर्शियल मार्केट यूज के लिए कॉन्टेंट Create करता है। वह कई तरह के प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकता है जैसे एडवरटाइजिंग, Emails, ब्लॉग Post, लैंडिंग पेज, वेबसाइट और Product Description। लेकिन यह सब करने के लिए Copywriter के पास कौन कौन सी Skills होती हैं? आइए जानते हैं। 

Writing Skills

Freelance Copywriter अपने क्लाइंट की जरूरत के अकॉर्डिंग अपनी Writing Skills का यूज करके यूनीक आइडिया Create करते हैं। इसमें Target ऑडियंस के लिए सूटेबल वर्ड्स और इमोशंस का यूज किया जाता है, जिससे कॉन्टेन्ट उस इंडस्ट्री और Company से रिलेटेड तो लगता ही है, साथ ही इंटरेस्टिंग भी बनता है। इसका रिजल्ट होता है वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक। 

Research Skills

Copywriter का Work सिर्फ Text लिख देना ही नहीं होता है, बल्कि उसके पीछे काफी ज्यादा Research Work भी होता है, जिसके Through Best सूटेबल एक्यूरेट कॉन्टेन्ट लिखा जाता है। हर बार न्यू क्लाइंट और न्यू प्रोजेक्ट पर काम करने से पहले Copywriter अपनी Research स्किल के जरिए टॉपिक को समझता है और उससे रिलेटेड डीटेल समझने के बाद इफेक्टिव Copy तैयार कर पाता है। 

इस Research Work में केवल आर्टिकल्स और ब्लॉग Post रीड करना ही शामिल नहीं होता है बल्कि यह Research करना भी होता है कि सेम Product की दूसरी Company के लिए जैसे कोल्ड ड्रिंक के लिए दूसरे कॉम्पिटिटर्स क्या लिख रहे हैं। क्योंकि Copywriter को अपनी Writing में यूनीक एलिमेंट जो शो करना होता है। 

Marketing  Skills

Freelance Copywriter अपनी Marketing  Skills का यूज करके डिफरेंट Platforms पर अपनी Services को प्रमोट करते हैं। वह मार्केट ट्रेंड को फॉलो करते हैं और उसे अपनी Writing में यूज करके ऑडियंस के लिए ज्यादा रिलेट टेबल बना देते हैं। 

Creative Thinking

Copywriting एक Creative Job है, जिसमें अपनी Writing के Through इंगेजमेंट इन्क्रीज करना होता है। इसलिए Freelance Copywriter में Creativity होना बेहद जरूरी होता है, ताकि वह इस कॉम्पिटिटिव मार्केट में रहते हुए कुछ नया और यूनीक Create कर सके, जिससे उसका कॉन्टेन्ट भीड़ में सबसे अलग नजर आए। 

SEO Skills

एक Freelance Copywriter में SEO Skills का होना भी बहुत जरूरी है क्योंकि SEO के जरिए क्लाइंट वेबसाइट पर ट्रैफिक इनक्रीस किया जा सकता है और ज्यादा ऑडियंस तक अप्रोच बनाई जा सकती है। इन्हीं SEO Skills का यूज करके Freelance Copywriter अपने कॉन्टेन्ट में नेसेसरी कीवर्ड्स और लिंक्स को इनक्लूड कर पाते हैं, जो उस कॉन्टेन्ट का मीनिंग भी चेंज नहीं करते और टेक्स की क्वालिटी को मेंटेन रखते हुए ऑनलाइन सर्च रिजल्ट में आने के चांसेज इनक्रीज कर लेते हैं। 

Freelance Copywriter में Flexibility भी होना चाहिए। 

इसके अलावा एक Freelance Copywriter में Flexibility भी हो तो काफी प्रॉफिटेबल रह सकता है, क्योंकि वह कांट्रैक्चुअल बेसिस पर काम करता है और उसके Work के कोई फिक्स समय नहीं होते हैं। ऐसे में अगर Copywriter अपने Work रूटीन को फ्लैक्सिबल रखें तो डेडलाइन से पहले ही प्रोजेक्ट कंप्लीट करके सबमिट कर सकता है। न्यू Clients को अप्रोच कर सकता है और एक्स्ट्रा मनी अर्न कर सकता है। 

Freelance Copywriter बनने के लिए आपको क्या करना चाहिए?

अब अगर यह जानें कि Freelance Copywriter बनने के लिए आपको क्या करना चाहिए, तो इस प्रॉसेस को इन स्टेप्स में एक्सप्लेन किया जा सकता है। 

अपना Niche Identify कीजिए। 

ज्यादातर Companies ऐसे Freelance Copywriter को पसंद करती है जो कि Specific Niche में काम करता हो। इसलिए आपको सबसे पहले अपना Niche Identify करना चाहिए। इसके लिए आप डिफरेंट Niches को एक्सप्लोर करके अपने इंट्रेस्ट का पता लगा सकते हैं। जैसे वीडियो गेम्स, ब्यूटी एंड कॉस्मेटिक्स, ऑनलाइन रीटेल, हेल्थ बेवरेजेज, फूड एप्स, Software Services, हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी, एजुकेशन टेक्नोलॉजी, एक्सट्रा। 

जिस भी Niche में लिखना आपको अच्छा लगे वह आपके लिए सूटेबल Niche हो सकता है जिसमें प्रैक्टिस करके आप उसमें सुधार भी कर सकते हैं और उस नीच के Copywriter के Work से बहुत कुछ सीख भी सकते हैं। अपना डिसाइड करते समय आप खुद से सवाल करेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। 

अपनी Freelance Copywriting को अपना करियर बनाना क्यों डिसाइड किया? अपनी Copywriting Skills से आप सबसे ज्यादा हेल्प किसकी करना चाहेंगे? आपका आइडियल क्लाइंट कौन है? अब Work फ्रॉम होम को पसंद करते हैं या बिजनेस के लिए ट्रैवल करने को? आपकी कौन सी हॉबीज को आप एंजॉय करते हैं? कौन सा एरिया आपको Copywriting के लिए इंटरेस्टिंग लगता है? इन सारे सवालों के जवाब आपको चुनने में हेल्प करेंगे। 

Professional Experience Gain करें। 

आप अपने ब्लॉग या Social Media प्रोफाइल के जरिए Professional Work Experience Gain कर सकते हैं, जिससे आपकी Writing Skills में सुधार होगा। आप Freelance वेबसाइट्स के Through Clients को Proposals भी Send कर सकते हैं और इस तरीके से आप डिफरेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करना शुरू कर सकते हैं .

और जैसे – जैसे आपका Experience बढ़ता जाएगा, आपका Portfolio इम्प्रेसिव बनता जाएगा, जो कि आपको जल्दी ही शानदार Copywriting Job्स या प्रोजेक्ट्स भी ऑफर करवा देगा। लेकिन इसके लिए आपको अपना Copywriting Portfolio भी डेवलप करना होगा। 

Portfolio तैयार करना। 

आप अपने स्मॉल प्रोजेक्ट्स, ब्लॉग Work और Best Writing Samples को अपने Portfolio में Include करें। क्योंकि आपका Portfolio ही Clients को बताएगा कि आप कितने स्किल्ड हैं और आप फिक्स टाइम में अपना प्रोजेक्ट इफेक्टिव कंप्लीट करके दे सकते हैं। 

बहुत से एंप्लॉयर्स को Specific फील्ड में Specific Skills रखने वाले Copywriter ही Required होते हैं। अब ऐसे में आप उस Job के Description को Study करके उसके अकॉर्डिंग भी Portfolio बना सकते हैं। इसके अलावा आप अपनी Freelance वेबसाइट बनाकर के उसे ऑप्टिमाइज भी कर सकते हैं और Social Media अकाउंट्स पर भी एक्टिव रह सकते हैं। 

तो दोस्तों इस तरीके से अगर आपने वह बात है जो बस छोटी सी बात में इतना कुछ कह दे कि Customer तुरंत ही आपकी बात मानने को तैयार हो जाए और उस Product और Service को खरीदने के लिए तैयार हो जाए तो समझ लीजिएगा कि आपमें एक ग्रेट Copywriter की Skills हैं जिन्हें चमकाने के बारे में आपको जरूर सोचना चाहिए। 

और अगर आप Copywriting की बारीकियों को सीखकर अपनी स्किल को शार्प करना चाहे तो यूट्यूब की हेल्प तो ले ही सकते हैं, साथ ही Udemy, Coursera. Skill Share जैसे Platforms पर Available Courses में से Best Choose करके Learning भी कर सकते हैं और इसके अलावा Internship के जरिए भी आप काफी कुछ सीख सकते हैं। यहां पर आपको अपना टाइम इन्वेस्ट करना होगा। 

निष्कर्ष : 

तो अगर यह लेख आपको Helpful लगा हो और आपको Copywriting के बारे में काफी कुछ समझ में आया हो और आप सोच रहे हैं कि शायद आप कर सकते हैं या आपका कोई दोस्त है वह बड़ा अच्छा लिखता है तो उस दोस्त को पक्के से यह लेख Share कीजिएगा और इसी के साथ Comment Section में लिख कर के बताइएगा कि यह जानकारी आपको कैसी लगी। साथ ही अगर आपको Copyrighting से सम्बंधित कोई भी सवाल पूछना है तो आप हमे वो भी Comment कर के जरूर बताइयेगा। 

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