BPSC Head Teacher Syllabus 2024: बीपीएससी हेड टीचर तथा हेड मास्टर के परीक्षा के लिए सिलेबस जारी, जानें करें डाउनलोड

Robin Hood
22 Min Read
BPSC Head Teacher Syllabus 2024

BPSC Head Teacher Syllabus 2024: बिहार लोक सेवा आयोग अर्थात बीपीएससी की तरफ से हेड टीचर और हेड मास्टर के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। वाइज उम्मीदवार जो कि इस भर्ती में आवेदन करना चाहते हैं उन सभी को इस भर्ती में चयन होने के लिए भर्ती परीक्षा में शामिल होना होगा। अगर आप भी इस परीक्षा में सफल होना चाहते हैं और इस पद पर चुने जाना चाहते हैं ताकि आप अपने करियर को आगे बढ़ा सके तो मैं आपको इस पोस्ट के माध्यम से इस परीक्षा की तैयारी करने की सभी जानकारीविस्तार से बताने जा रहा हूं।

अगर आप भी इस परीक्षा की तैयारी एग्जाम पैटर्न को समझ कर और इसके सिलेबस के साथ करेंगे, तो यह परीक्षा आपके लिए काफी आसान हो जाएगा। इसके लिए मैं आपको इस पोस्ट के माध्यम से बीपीएससी हेड टीचर सिलेबस 2024 से जुड़ी सभी जानकारी विस्तार पूर्वक बताने जा रहा हूं, इसके लिए आपको नीचेदिए गए पोस्ट को पूरा पढ़ना होगा। BPSC Head Teacher Syllabus 2024

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BPSC Head Teacher Syllabus 2024
BPSC Head Teacher Syllabus 2024

BPSC Head Teacher Syllabus 2024 

नीचे दिए गए पोस्ट के माध्यम से मैं आप सभी उम्मीदवारों का इस पोस्ट के माध्यम से हार्दिक स्वागत करते हैं। अगर आप भी हेड टीचर अथवा हेड मास्टर के पदों पर भर्ती के लिए अपना आवेदन किए हैं, तो आज मैं आपको इस पोस्ट के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग में हेड मास्टर के सिलेबस की पूरी जानकारी विस्तार पूर्वक बताने जा रहा हूं।

आप इसके ऑफिशल सिलेबस को बीपीएससी के ऑफिसियल वेबसाइट से कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, उसकी जानकारी देने जा रहा हूं ताकि आप आसानी से इसके ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर इस सिलेबस को डाउनलोड करें और परीक्षा की तैयारी बेहतरीन ढंग से कर सके। BPSC Head Teacher Syllabus 2024

Bpsc Head Teacher and Headmaster Selection Process 2024

बिहार लोक सेवा आयोग की तरफ से इस भर्ती के लिए आवेदन किए जाने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके लिए अभ्यर्थी को सबसे पहले लिखित परीक्षा पास करना होगा। इसमें सफल अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा और अंत में अंतिम कटऑफ जारी कर दिया जाएगा।

  • Written Exam
  • Document Verification
  • Final Cut off

BPSC Head Teacher Exam Pattern 2024

  • बीपीएससी की तरफ से हेड टीचर तथा हेड मास्टर के पदों पर आयोजित होने वाली यह परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप्स अर्थात बहुविकल्पीय प्रश्न इसमें शामिल होंगे।
  • आपको इस परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे।
  • प्रत्येक सही प्रश्न के लिए आपको एक मार्क्स दिए जाएंगे अर्थात कुल नंबर 150 तय किए गए हैं।
  • प्रत्येक सहित आंसर के लिए आपको एक नंबर दिए जाएंगे जबकि गलत आंसर के लिए 0.25 नंबर काट लिए जाएंगे अर्थात इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग दिया गया है।
  • आपको 150 क्वेश्चन को हल करने के लिए कुल 120 मिनट अर्थात 2 घंटे का समय दिया गया है।
Subject Marks Durations
General Studies 75 2 Hours
D.EL.ED 75
Total 150

BPSC Head Teacher Syllabus 2024

General Studies Syllabus

  • General Science.
  • Current events of national and international importance.
  • Indian National movement and the part played by the Bihar in it.
  • Geography.
  • Indian Polity.
  • Elementary, Mathematics and Mental ability test.

D.EL.ED Syllabus ( BPSC Head Teacher Syllabus 2024 )

Units Syllabus
Unit- 1
  • बच्चे तथा बचपन : सामाजिक, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक समझ।
  • बाल अधिकारों का संदर्भ: उपेक्षित वर्गों से आनेवाले बच्चों पर विशेष चर्चा के साथ
  • शिक्षा, विद्यालय और समाज अंतर्सम्बंधों की समझ
  • विद्यालय में समाजीकरण की प्रक्रिया विभिन्न कारकों की भूमिका व प्रभावों की समझ
  • शिक्षा : सामान्य अवधारणा, उदेश्य एवं विद्यालयी शिक्षा की प्रकृति
  • शिक्षा को समझने के विभिन्न आधार दृष्टिकोण: दर्शनशास्त्रीय, मनोवैज्ञानिक, समाजशास्त्रीय, शिक्षा का साहित्य, शिक्षा का इतिहास, आदि
  • ज्ञान की अवधारणा दार्शनिक परिप्रेक्ष्य
Unit- 2
  • महात्मा गाँधी-हिन्द स्वराज सामाजिक दर्शन और शिक्षा के संबंध को रेखांकित करते हु
  • गिजुभाई बधेका- दिवास्वप्न शिक्षा में प्रयोग के विचार को रेखांकित करते हुए
  • रीन्द्रनाथ टैगोर शिक्षा सीखने में स्वतंत्रता एवं स्वयत्तता की भूमिका का रेखांकित करते हुए
  • मारिया मांटेसरी-ग्रहणशील मन पुस्तक से ‘विकास के क्रम’ ‘शीर्षक अध्यायः बच्चों के खीखने के संबंध में विशेष पद्धति को रेखांकित करते हुए
  • ज्योतिबा फुले-हंटर आयोग (1882) को दिया गया बयान शैक्षिक, समाजिक एवं सांस्कृतिक असमानता को रेखांकित करते हुए
  • डॉ० जाकिर हुसैन-शैक्षिक लेखः बाल-केन्द्रित शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए
  • जे० कृष्णमूर्ति-‘शिक्षा क्या है: सीखने-सिखाने में संवाद की भूमिका को रेखांकित करते हुए
  • जॉन- डीवी-शिक्षा और लोकतंत्र से ‘जीवन की आवश्यकता के रूप में शिक्षा’ शीर्षक लेखः शिक्षा और समाज की अंतःक्रिया को रेखांकित करते हुए
Unit- 3
  • पाठ्यचर्या तथा पाठ्यक्रमः अवधारणा तथा विविध आधार.
  • पाठ्यचर्या में कार्य और शिक्षा की भूमिका: कार्यकेन्द्रित शिक्षणशास्त्र की समस्या
  • बचपन को प्रभावित करने वाले मनोसामाजिक कारक
  • बाल विकास : अवधारणा, विकास के विविध आयाम, प्रभावित करनेवाले कारक
  • वृद्धि एवं विकास : अंतर्सम्बंधों की समझ, अध्ययन के तरीके
  • बच्चों के शारीरिक एवं मनोगत्यात्मक विकास की समझ
  • सृजनात्मकता : अवधारणा, बच्चों के संदर्भ में विशेष महत्त्व
  • खेल से आशय : अवधारणा, विशेषता, बच्चों के विकास के संदर्भ में महत्त्व
  • व्यक्तित्व विकास के विविध आयाम: एरिक्सन के सिद्धांत का विशेष संदर्भ
  • बच्चों में भावनात्मक / संवेगात्मक विकास का पहलू : जॉन बाल्बी का सिद्धांत एवं अन्य विचार
  • नैतिक विकास और बच्चे सही-गलत की अवधारणा, जीन पियाजे तथा कोहलबर्ग का सिद्धांत
Unit- 4
  • ईसीसीई की आवश्यकता एवं उद्देश्य
  • एक संतुलित तथा संदर्भयुक्त ईसीसीई पाठ्यचर्या की समझ
  • ईसीसीई पाठ्यचर्या के लघु एवं दीर्घकालिक उद्देश्य तथा नियोजन
  • कक्षा में विकासोनूकूल, बाल केन्द्रित तथा समावेशी वातावरण निर्माण
  • प्रारंभिक वर्षों में विकास के विभिन्न आयाम एवं अधिगम
  • विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चें तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा
  • शारीरिक शिक्षा : अवधारणा एवं महत्त्व
  • बिहार में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा की वर्तमान स्थिति
  • राज्य में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की चुनौतियाँ एवं नवाचार
  • राज्य में विद्यालय की तैयारी में संस्थाओं की (अकादमिक व सामाजिक) अपेक्षा
Unit- 5
  • विद्यालय संस्कृति के संगठनात्मक पहलू : भवधारणा, संरचना एवं घटकों की आलोचनात्मक समझ
  • शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत विद्यालयी व्यवस्था में परिवर्तन
  • समावेशी शिक्षा के अनुरूप विद्यालय संगठन व प्रबंधन
  • कला समेकित शिक्षा के माध्यम से विद्यालयी परिवेश एवं कक्षायी शिक्षण में बदलाव?
  • कक्षा-कक्ष शिक्षण की प्रकृति परम्परागत, बाल-केन्द्रित लोकतांत्रिक, सृजनात्मक, आदि ।
  • पाठ्य सहगामी वं सह-शैक्षिक क्रियाएँ: महत्त्व, योजना एवं क्रियान्वयन (गतिविधियाँ, कला, खेल इत्यादि)
  • ‘विद्यालय में आकलन एवं मूल्यांकन की व्यवस्था: सतत् एवं व्यापकं आलकन, प्रगति पत्रक
  • शिक्षक वृतिक विकास : अवधारणा, आवश्यकता, नीतिगत विमर्श व सीमाएँ
  • विद्यालय में नेतृत्व व्यवस्था और शिक्षक प्रशासनिक, सामूहिक, शिक्षणशास्त्रीय, परिवर्तनकारी
Unit- 6
  • निकटवर्ती जिला स्तरीय संस्थाएँ : सकुल संसाधन केन्द्र (सी.आर.सी.), प्रखण्ड संसाधन केन्द्र (बी. आर.सी.), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), प्रारंभिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (पी.टी.ई. सी.)
  • राज्य स्तरीय संस्थाएँ: राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (एस.सी.ई.आर.टी.), बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् (बी.ई.पी.सी.), बिहार विद्यालय परोक्षा बोर्ड (बी.एस.ई.बी.), बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड (बी.एस.एस.बी.), बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड (बी.एस.एम.ई.बी.), बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बी.बी.ओ.एस.ई.)
  • राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएँ : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एन.सी.ई.आर.टी.), केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.), राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एन.आई. ई.पी.ए.), राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (एन.सी.टी.ई.)
Unit- 7
  • भारतीय समाज में समावेशन और अपवर्जन के विभिन्न रूप (हाशिए का समाज, जेण्डर, विशेष आवश्यकता वाले बच्चें-दिव्यांगजन)
  • कक्षाओं में विविधता और असमानता की समझ पाठ्यचर्यात्मक और शिक्षण शास्त्रीय संदर्भ
  • समावेशी शिक्षा के लिए आकलन की प्रकृति एवं प्रक्रिया
  • समावेशी शिक्षा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का संदर्भ ऐतिहासिक विकास, वर्तमान स्थिति, चुनौतियां, बिहार का संदर्भ
  • शिक्षा व्यवस्था व विद्यालय में प्रचलित जेण्डर विभेद पाठ्यचर्या पाठ्य-पुस्तकें, कक्षायी प्रक्रियाओं विद्यार्थी-शिक्षक (स्टूडेंट टीचर इन्टरैक्शन) संवाद के विशेष संदर्भ में
  • जेण्डर संवेदनशीलता और समानता में शिक्षा की भूमिका –
  • समता, समानता और सामाजिक न्याय के लिए शिक्षा: अवधारणा, आवश्यकता एवं अवरोध
  • शिक्षकों की अस्मिता सममालीन विमर्श, एक आदर्श शिक्षक की संकल्पना
Unit – 8
  • राष्ट्रीय पाठ्यचर्चा की रूप रेखा 2005 व बिहार पाठ्यचर्या की रूप रेखा 2008 के विशेष संदर्भ में विज्ञान, पर्यावरण, गणित, भाषा एवं सामाजिक विज्ञान शिक्षण शास्त्र की समक्ष
  • शिक्षण-अधिगम में ऑडियों-विडियो, मल्टीमीडिया साधनों की महत्ता तथा उपयोग
  • सीखने की योजना एवं विद्यालय के अन्य कार्य के साथ आई०सी०टी० का एकीकरण

BPSC Head Master Teacher Exam Pattern 2024

Subjects No. of Questions No. of Marks
General Studies 100 100
Questions Related to B.Ed. 50 50
Total 150 150

BPSC Head Master Syllabus 2024 ( BPSC Head Teacher Syllabus 2024 )

General Studies Syllabus

  • General Science.
  • Current events of national and international importance.
  • History of India and salient features of the history of Bihar.
  • Indian National movement and the part played by the Bihar in it.
  • Geography
  • Indian Polity
  • Indian Economy
  • Elementary Mathematics and Mental ability test

B.Ed. Syllabus

Units Syllabus
Unit- 1
  • बाल्यावस्था की समझ विकासात्मक परिप्रेक्ष्य
  • बालक एवं बाल्यावस्था: बिहार की प्रासंगिक वास्तविकताएँ
  • वैयक्तिक विकास के आयाम शारीरिक, संज्ञानात्मक, भाषिक, सामाजिक एवं नैतिक इनके अंतः संबंध एवं शिक्षकों के लिये निहितार्थ। (पियाजे, इरिक्सन और कोहलवर्ग के संदर्भ में)
  • “किशोरावस्था : धारणाएँ, रूढ़ियाँ और समग्र समझ की आवश्यकता
  • किशोरावस्था को प्रभावित करने वाले कारक सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक व आर्थिक
  • बिहार में किशोरों की प्रासंगिक वास्तविकता
Unit- 2
  • सामाजीकरण और स्कूल का संदर्भ: विद्यालय प्रवेश का प्रभाव, विद्यालय एक सामाजिक संस्थान के
  • रूप में और बिहार में इसकी धारणा, स्कूली संदर्भ में मूल्य का निर्माण।
  • समाज में असामानताएँ एवं प्रतिरोध पहुँच, ठहराव व बहिष्कार के मुद्दे
  • सामाजिक, सांस्कृतिक संदर्भ आधारित अध्येताओं में प्रभाव, अध्येताओं पर सांस्कृतिक विभिन्नता का प्रभाव घरेलू एवं अनुदेशन की भाषा का अध्येताओं-पर-
  • विभिन्न क्षमता वाले अध्येताओं की समझ मन्द गति के अध्येता, डिस्लेक्सिक अध्येता।
  • व्यक्तिंगत विभिन्नता आकलन के तरीके: परीक्षण, अवलोकन निर्धारण मापनी, स्व प्रतिवेदन.
Unit- 3
  • अस्मिता निर्माण की समझ विविध सामाजिक एवं संस्थागत परिप्रेक्ष्य में, व्यक्ति के निर्माण में बहू अस्मिताओं का अभ्युदय, आन्तरिक तालमेल की आव यकता, द्वन्दात्मक अस्मिताओं का प्रावधान
  • शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में अस्मिता निर्माण के स्थल के रूप में विद्यालय, संस्कृति एवं लोकाचार, शिक्षण अधिगम अभ्यास एवं वर्ग कक्ष में शिक्षक संवाद, मूल्यांकन अभ्यास मूल्य प्रणाली एवं विद्यालय की प्रच्छन्न पाठ्यचर्या
  • अवधारणा : शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषा, शिक्षा की प्रक्रियाएँ स्कूल की पढ़ाई, अनुदेशन, प्रशिक्षण एवं शिक्षा देना, शिक्षा के रूप औपचारिक, अनौपचारिक, निरौपचारिक
  • राष्ट्रीय आदर्श को प्रतिबिंबित करने वाली शिक्षा के संवैधानिक प्रावधान प्रजातंत्र, समानता, स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता एवं सामाजिक न्याय
  • राश्ट्रीय विकास हेतु शिक्षा शिक्षा आयोग (1964-66)
Unit- 4
  • दर्शन और शिक्षा : दर्शन का अर्थ और परिभाषा, दर्शन की भाषाये एवं उनका शैक्षिक समस्यायों एवं मुद्दों के साथ संबंध ।
  • दार्शनिक पद्धतियाँ: दर्शन के सम्प्रदाय आदर्शवाद, प्रकृतिवाद, प्रयोजनवाद, मार्क्सवाद एवं मानववाद, यथार्थ, ज्ञान एवं मूल्य की अवधारणा के विशेष संदर्भ में उद्देश्य, पाठ्यचर्या, शिक्षण-विधि और.. अनुशासन हेतु. इनके शैक्षिक निहितार्थ।
  • भारतीय दार्शनिक विचारकः- आर०एन० टैगोर, एम०के० गाँधी, स्वामी विवेकानन्द, अरविन्दो घोष, जे० कृष्णमूर्ति और गिजू भाई बधेका।
  • पाश्चात्य विचारकः- प्लेटो, रूसो, डिवी,
Unit- 5
  • समानता के अर्थ व संवैधानिक प्रावधान
  • असमानता के प्रचलित रूप एवं प्रकृति साथ ही साथ प्रभावकारी समूह व अल्प समूहों से संबंधित मुद्दे ।
  • विद्यालयों में असमानता :- सरकारी-निजी स्कूल, ग्रामीण शहरी स्कूल, एकल शिक्षकीय स्कूल और विद्यालीयी पद्धति में असमानताओं के विभिन्न रूप एवं असंमानता को बढ़ावा देने वाली प्रक्रियायें।
  • विद्यालयी शिक्षा में भेदकारी गुण:- विद्यालय गुणवत्ता में अन्तर
  • शिक्षा का अधिकार कानून विधेयक व इसके प्रावधान
Unit- 6
  • अधिगम की प्रकृति एवं अवधारणा, सम्प्रत्यय अधिगम, कौशल अधिगम, मौखिक अधिगम, सामाजिक अधिगम, अधिगम सिद्धांत, समस्या समाधान
  • बुनियादी मान्यताएँ और अधिगम सिद्धांतों की प्रासंगिकता का विश्लेषण, व्यवहारवादी सामाजिक, संज्ञानात्मक एवं मानववादी अधिगम सिद्धांत
  • ज्ञान की रचना की प्रक्रिया के रूप में अधिगम अधिगम हेतु रचनावादी दृष्टिकोण
  • विद्यालय के प्रदर्शन और शिक्षार्थी की क्षमता के साथ सीखने का संबंध
  • अभिप्रेरणा की अवधारणा, प्रकार एवं इसे बढ़ाने की तकनीक
  • वर्ग कक्ष अधिगम विस्मरण अर्थ और इनके कारण, अधिगम संधारण को विकसित करने की रणनीतियाँ
  • कौशल सीखने के लिए अधिगम के अर्थ, स्वाध्याय विकसित करने के तरीके
Unit- 7
  • शिक्षक के कार्य एवं भूमिका का विश्लेषण, पूर्व संक्रिया अवस्था में कौशल एवं दक्षता – योजना दृष्टिगत करना, परिणाम पर निर्णय करना (बनाना), तैयारी और संगठन / अन्तः क्रिया अवस्था सहज एवं व्यवस्थित अधिगम / उत्तर क्रिया अवस्था-अधिगम परिणाम का आकलन, पूर्व अवस्था अन्तः क्रिया अवस्था एवं उत्तर क्रिया अवस्था पर विचार विमर्श या चिन्तन
  • प्रभावशाली शिक्षकों से संबंधित विशेषताएँ एवं शिक्षकों की व्यवसायिक अस्मिता
  • “शिक्षण कार्य योजना दृष्टिगत करना- अध्येता एवं अधिगम तत्परता के विशिष्ट लक्षण, विषय वस्तु और उनके अन्तः संबंध, अधिगम स्रोत एवं उपागम / रणनीतियाँ
  • अधिगम परिणाम पर निर्णय लेना / करना सामान्य अनुदेशात्मक लक्ष्य तय करना उद्देश्यों का विशिष्टीकरण और अधिगम के लिए मापदण्ड, विभिन्न क्रियाकलाप एवं गृहकार्य के लिए अनुदेशात्मक समय निर्धारण / अधिगम में अनुदेश समय एक चर रूप में
  • अनुदेशन के लिए तैयारी – उपलब्ध अधिगम के स्रोत का चुनाव एवं पहचान या आव यक अधिगम स्रोत का विकास
  • एक योजना की तैयारी- ईकाई योजना एवं पाठ् योजना
Unit- 8
  • अधिगमकर्ता को प्रेरित करना और उनके ध्यान को बनाये रखना उद्दीपक विभिन्नता एवं पुनर्बलन कौशल का महत्त्व
  • कक्षा में विद्यार्थियों के अधिगम को प्रभावित करने वाले प्रश्नपृच्छा, उदाहरण एवं व्याख्या-शिक्षकों की दक्षता के रूप में।
  • शिक्षण की रणनीतियाँ- a. विवरणात्मक तरीका समझ के लिए शिक्षण उपागम एडवांस आर्गेनाइजर मॉडल : प्रस्तुतीकरण-परिचर्चा, प्रदर्शन b. पूछ-ताछ तरीका-शिक्षण एवं चिंतन कौशल तथा ज्ञान की रचना का उपागम / अवधारणा प्राप्ति अवधारणा निर्माण, आगमन, चिंतन, समस्या आधारित अधिगम, परियोजना आधारित अधिगम।
  • लघु समूह एवं बृहत् समूह अनुदेशन के उपागम-सहयोग एवं समन्वित अधिगम उपागम, मस्तिष्क उद्वेलन, भूमिका निभाना, नाटकीकरण, समूह परिचर्चा, अनुरूपण एवं खेल, वाद-विाद, प्रश्नोत्तरी एवं संगोष्ठी ।
Unit- 9
  • स्कीनर, चॉम्प्स्की, पियाजे एवं वायगोत्सकी के विशेष संदर्भ में, बच्चें भाषा कैसे सीखते है?
  • भाषा का सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ, भांषा एवं लिंग, भाषा एवं अस्मिता, भाषा एवं भाक्ति, भाषा एवं वर्ग (समाज)
  • भाषा का राजनीतिक संदर्भ, बिहार और भारत हेतु बहुभाषीय संदर्भ, भाषा से संबंधित भारत में संवैधानिक प्रावधान
  • भाषा व ज्ञान की रचना, भाषा सीखने के उद्देश्य की समझः-कल्पना, सृजनात्मकता संवेदनशीलता, कौशल विकास
  • अनुदेशन के माध्यम का समीक्षात्मक समालोचना, स्कूल के विभिन्न पंजीकृत विषय
  • भारत में भाषा की स्थिति, अनुच्छेद 343-351, 350क
Unit- 10
  • अकादमिक अनुशासन क्या है? अनुशासन और विषयों में मानवीय ज्ञान के वर्गीकरण की आवश्यकता/परिप्रेक्ष्य

1. दार्शनिक परिप्रेक्ष्य: एकता एवं अनेकता
2. मानविकी परिप्रेक्ष्य:- संस्कृति एवं जनजाति
3. सामाजिक परिप्रेक्ष्य: व्यवसायीकरण एवं श्रम का बँटवारा 4. ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: विकास एवं अलगाव
5. प्रबंधन परिप्रेक्ष्य: बाजार एवं संगठन
6. शैक्षिक परिप्रेक्ष्य:- शिक्षण एवं अधिगम ।

  • विषयों/अनुशासन में शोधः- आँकड़ा संग्रहण के तरीके, निष्कर्ष निकालना, सामान्यीकरण और सिद्धान्तविकास, संदर्भ तैयार करना, टिप्पणी एवं संदर्भ सूची संचयिका ।
  • अन्तः अनुशासन अधिगम क्या हैं? अन्तः अनुशासन अधिगम एक द्वन्दात्मक प्रक्रिया
  • अन्तः विषयक विषयों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु प्रयोग में लाये जा सकने वाले मापदंड
Unit- 11
  • समता एवं समानता जाति, वर्ग, धर्म, जाति-समूह गुण, शारीरिक अक्षमता और क्षेत्रीयता के सम्बन्ध में।
  • महिला अध्ययन से जेण्डर अध्ययन की ओर प्रतिमान विस्थापन
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि :- महिलाओं के शैक्षिक अनुभवों पर केंद्रित उन्नीसवीं एवं बीसवीं सदी से सामाजिक सुधार आन्दोलन के कुछ मील के पत्थर
  • लिंग, संस्कृति और संस्थान वर्ग, जाति, धर्म और क्षेत्र का प्रतिच्छेदन
  • शिक्षक : परिवर्तन के अभिकर्ता के रूप में।
  • पद्धति : आगमन-निगमन, व्याख्यान, विमर्श, बहुभाषिक, स्रोतविधि, अवलोकनविधि, प्रयोगशाला विधि, प्रोजेक्ट और समस्या समाधान विधि और उनके लाभ, सीमाएँ और तुलना।
Unit- 12
  • राष्ट्र और राज्य स्तरवार पाठ्यचर्या निर्धारक-
1. सामाजिक-राजनैतिक-सांस्कृतिक-भौगोलिक-आर्थिक विविधताएँ।
II. सामाजिक-राजनैतिक आकांक्षाएँ, ( शैक्षिकदृष्टि एवं आदर्शों को शामिल करते हुए)
आर्थिक आवश्यकताएँ
IV. तकनीकी संभावनाएँ
V. सांस्कृतिक अनुस्थिति
VI. राष्ट्रीय प्राथमिकताएँ
VII. शासनपद्धति एवं सत्तासंबंध और
VIII. अन्तरराष्ट्रीय संदर्भ
परीक्षण, मापन, परीक्षा, मूल्य निर्धारण एवं मूल्यांकन की अवधारणा तथा इनके अन्तः संबंध।
  • आकलन के लक्ष्य एवं उद्देशय:- आकलन के तरीके, प्रतिपुष्टी, ग्रेडींग प्रोन्नति, प्रमाण-पत्र देना तथा
  • अधिगम समस्या से संबंधित निदानात्मक आकलन । • छात्र उपलब्धि प्रतिवेदन- प्रगतिप्रतिवेदन, संचयीअभिलेख, प्रोफाईल और उनके उपयोग, पोर्टफोलियो
  • एक समावेशी विद्यालय की अवधारणा आधारभूत संरचना एवं पहुँच, मानव संसाधन, दिव्यांगता के प्रति रवैया। सम्पूर्ण विद्यालयी दृष्टिकोण तक पहुँच, समुदाय आधारित शिक्षा।
  • स्वास्थ्य की अवधारणा, महत्त्व, स्वास्थ्य के आयाम और निर्धारक बच्चों एवं किशोरों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ विभिन्न क्षमता वाले बच्चें।
  • शान्ति की समझ गतिशील सामाजिक वास्तविकता के रूप में।
  • मार्गदर्शन के लिए स्कूलों में संसाधनों का विकास

How to Download BPSC Head Teacher and Head Master Syllabus 2024

  • बीपीएससी हेड टीचर तथा हेड मास्टर के सिलेबस को डाउनलोड करने के लिए आपको सबसे पहले इसके ऑफिशल वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इसके होम पेज में आपको सिलेबस का ऑप्शन मिलेगा, जिस पर आपको क्लिक कर देना होगा।
  • यहां पर आपको Syllabus for the post of Head Master and Syllabus for the post of Head Teacher ऑप्शन पर क्लिक कर देना होगा।
  • जिसके बाद सिलेबस डाउनलोड हो जाएगा इस सिलेबस का पीडीएफ एक नए तब में ओपन होगा जिसे आपको डाउनलोड के बटन पर क्लिक करके डाउनलोड कर लेना होगा।
  • सिलेबस डाउनलोड करने के बाद आप इसके अनुसार पढ़ाई करके आगामी भर्ती परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

सारांश

मैं आशा करता हूँ की आपको मेरी यह जानकारी BPSC Head Teacher Syllabus 2024 पसंद आई होगी | अगर आपको मेरी यह जानकारी BPSC Head Teacher Syllabus 2024 पसंद आई हैं तो आप इसे लाइक करे और अपने दोस्तों, फॅमिली और ग्रुप में जरुर शेयर करे ताकि उन्हें भी इसकी जानकारी मिल सके |

धन्यवाद !!!

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